दुनिया के इतिहास का 10 सबसे पुराना पेड़, जो 100-200 नहीं 10 हजार साल से हैं जिंदा, जानिए कहां हैं ये

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10 Oldest Tree in World: आपने जो भी पुराने पेड़ देखें होंगे वो 100 या 200 साल से पुराने नहीं होंगे लेकिन हम जिन पेड़ों के बारे में बताने जा रहे हैं वे 100-200 साल नहीं बल्कि कई-कई सदियां और सभ्यताओं को बदलते देखा है. ये पेड़ प्रभु ईसा मसीह के जन्म से भी पहले के हैं और आज तक कभी बीमार भी नहीं पड़े हैं. ये पेड़ कुदरती विरासत का अनमोल वरदान हैं. यही कारण है कि ये पेड़ इस धरती पर ऐतिहासिक और आइकॉनिक हैं. आइए इन 10 पेड़ों के बारे में जानते हैं कि ये दुनिया में कहां-कहां हैं.

अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में मेथूसेलाह -टीआई की खबर के मुताबिक मेथूसेलाह की अनुमानित आयु लगभग 4,800 से अधिक वर्ष है. यह एक नॉन-क्लोनल वृक्ष है, जो कैलिफ़ोर्निया के इन्यो नेशनल फ़ॉरेस्ट में स्थित है. यह इतना प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक पेड़ है कि सुरक्षा और संरक्षण कारणों से इसका सटीक स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया है. मेथूसेलाह ग्रेट बेसिन ब्रिसलकोन पाइन प्रजाति का है और इसे दुनिया के सबसे पुराने प्रमाणित नॉन-क्लोनल पेड़ों में से एक माना जाता है. यह कैलिफ़ोर्निया की व्हाइट माउंटेन्स में स्थित एंशिएंट ब्रिसलकोन पाइन फ़ॉरेस्ट में पाया जाता है. इस असाधारण पेड़ ने लगभग 5 हज़ार वर्षों तक भीषण ठंड, सूखे और तूफ़ानों को सहन करते हुए जीवन बनाए रखा है. वैज्ञानिकों ने इसकी आयु का निर्धारण डेंड्रोक्रोनोलॉजी विधि से किया, जिसमें पेड़ के छल्लों को बेहद सावधानी से गिना जाता है. तोड़फोड़ से बचाने के लिए इसका वास्तविक स्थान जानबूझकर गुप्त रखा गया है. Image : Canva

अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में मेथूसेलाह -टीआई की खबर के मुताबिक मेथूसेलाह की अनुमानित आयु लगभग 4,800 से अधिक वर्ष है. यह एक नॉन-क्लोनल वृक्ष है, जो कैलिफ़ोर्निया के इन्यो नेशनल फ़ॉरेस्ट में स्थित है. यह इतना प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक पेड़ है कि सुरक्षा और संरक्षण कारणों से इसका सटीक स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया है. मेथूसेलाह ग्रेट बेसिन ब्रिसलकोन पाइन प्रजाति का है और इसे दुनिया के सबसे पुराने प्रमाणित नॉन-क्लोनल पेड़ों में से एक माना जाता है. यह कैलिफ़ोर्निया की व्हाइट माउंटेन्स में स्थित एंशिएंट ब्रिसलकोन पाइन फ़ॉरेस्ट में पाया जाता है. इस असाधारण पेड़ ने लगभग 5 हज़ार वर्षों तक भीषण ठंड, सूखे और तूफ़ानों को सहन करते हुए जीवन बनाए रखा है. वैज्ञानिकों ने इसकी आयु का निर्धारण डेंड्रोक्रोनोलॉजी विधि से किया, जिसमें पेड़ के छल्लों को बेहद सावधानी से गिना जाता है. तोड़फोड़ से बचाने के लिए इसका वास्तविक स्थान जानबूझकर गुप्त रखा गया है. Image : Canva

स्वीडन के डालारना में ओल्ड त्ज़िको - इस पेड़ की अनुमानित आयु लगभग 9,550 वर्ष है. यह एक क्लोनल पेड़ है, जो स्वीडन के फुलुफ़येललेट नेशनल पार्क में स्थित है. ओल्ड त्ज़िको भले ही दुनिया का सबसे पुराना एकल तना वाला पेड़ न हो, लेकिन यह सबसे पुराने आनुवंशिक जीवों में से एक माना जाता है. यह नॉर्वे स्प्रूस पेड़ क्लोनल प्रणाली के माध्यम से जीवित रहता है, जिसमें ऊपर दिखाई देने वाला तना अपेक्षाकृत नया होता है, जबकि इसकी जड़ संरचना लगभग 10,000 वर्षों से जीवित है. जड़ प्रणाली की रेडियोकार्बन डेटिंग से इसकी आश्चर्यजनक आयु का पता चला. हजारों वर्षों में, जैसे-जैसे पुराने तने नष्ट होते गए, यह पेड़ बार-बार नए तनों को उत्पन्न करता रहा. Image : Canva

स्वीडन के डालारना में ओल्ड त्ज़िको – इस पेड़ की अनुमानित आयु लगभग 9,550 वर्ष है. यह एक क्लोनल पेड़ है, जो स्वीडन के फुलुफ़येललेट नेशनल पार्क में स्थित है. ओल्ड त्ज़िको भले ही दुनिया का सबसे पुराना एकल तना वाला पेड़ न हो, लेकिन यह सबसे पुराने आनुवंशिक जीवों में से एक माना जाता है. यह नॉर्वे स्प्रूस पेड़ क्लोनल प्रणाली के माध्यम से जीवित रहता है, जिसमें ऊपर दिखाई देने वाला तना अपेक्षाकृत नया होता है, जबकि इसकी जड़ संरचना लगभग 10,000 वर्षों से जीवित है. जड़ प्रणाली की रेडियोकार्बन डेटिंग से इसकी आश्चर्यजनक आयु का पता चला. हजारों वर्षों में, जैसे-जैसे पुराने तने नष्ट होते गए, यह पेड़ बार-बार नए तनों को उत्पन्न करता रहा. Image : Canva

जापान के याकुशिमा में जोमोन सुगी -इस पेड़ की अनुमानित आयु लगभग 2,170 से 7,200 वर्ष मानी जाती है. यह जापान के कागोशिमा प्रांत के याकुशिमा द्वीप पर स्थित है. जोमोन सुगी याकुशिमा का सबसे प्रसिद्ध और सबसे पुराना क्रिप्टोमेरिया (जापानी देवदार) वृक्ष है. याकुशिमा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल है, जो अपने प्राचीन वनों और लगभग रहस्यमय वातावरण के लिए जाना जाता है. इस पेड़ तक पहुंचने के लिए लंबी और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण पैदल यात्रा करनी पड़ती है. Image : Canva

जापान के याकुशिमा में जोमोन सुगी -इस पेड़ की अनुमानित आयु लगभग 2,170 से 7,200 वर्ष मानी जाती है. यह जापान के कागोशिमा प्रांत के याकुशिमा द्वीप पर स्थित है. जोमोन सुगी याकुशिमा का सबसे प्रसिद्ध और सबसे पुराना क्रिप्टोमेरिया (जापानी देवदार) वृक्ष है. याकुशिमा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल है, जो अपने प्राचीन वनों और लगभग रहस्यमय वातावरण के लिए जाना जाता है. इस पेड़ तक पहुंचने के लिए लंबी और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण पैदल यात्रा करनी पड़ती है. Image : Canva

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ईरान के अबारकूह में सर्व-ए अबारकूह -सर्व-ए अबारकूह की अनुमानित आयु लगभग 4,000 वर्ष मानी जाती है. यह मध्य ईरान के यज़्द प्रांत में स्थित है. यह विशाल फ़ारसी सरू वृक्ष ईरान के सबसे मूल्यवान प्राकृतिक धरोहरों में से एक है. इसका मोटा तना, फैला हुआ शिखर और विशिष्ट आकार इसके अत्यंत लंबे जीवन की ओर संकेत करते हैं. Image : Canva

ईरान के अबारकूह में सर्व-ए अबारकूह -सर्व-ए अबारकूह की अनुमानित आयु लगभग 4,000 वर्ष मानी जाती है. यह मध्य ईरान के यज़्द प्रांत में स्थित है. यह विशाल फ़ारसी सरू वृक्ष ईरान के सबसे मूल्यवान प्राकृतिक धरोहरों में से एक है. इसका मोटा तना, फैला हुआ शिखर और विशिष्ट आकार इसके अत्यंत लंबे जीवन की ओर संकेत करते हैं. Image : Canva

ग्रीस के क्रीट में वूवेस का जैतून वृक्ष -यह प्राचीन जैतून का पेड़ कम से कम 2,000 से 3,000 वर्ष पुराना माना जाता है. संभव है कि इससे भी अधिक पुराना हो. यह क्रीट द्वीप के आनो वूवेस गांव में स्थित है और आज भी फल देने वाले सबसे पुराने जैतून के पेड़ों में से एक माना जाता है. शोध से इसकी न्यूनतम आयु 2,000 वर्ष सिद्ध हुई है, हालांकि पुरातात्विक प्रमाणों के आधार पर कुछ लोग इसे इससे भी अधिक पुराना मानते हैं. इसका टेढ़ा-मेढ़ा और भीतर से खोखला तना अत्यंत आकर्षक दृश्य प्रस्तुत करता है. Image : Canva

ग्रीस के क्रीट में वूवेस का जैतून वृक्ष -यह प्राचीन जैतून का पेड़ कम से कम 2,000 से 3,000 वर्ष पुराना माना जाता है. संभव है कि इससे भी अधिक पुराना हो. यह क्रीट द्वीप के आनो वूवेस गांव में स्थित है और आज भी फल देने वाले सबसे पुराने जैतून के पेड़ों में से एक माना जाता है. शोध से इसकी न्यूनतम आयु 2,000 वर्ष सिद्ध हुई है, हालांकि पुरातात्विक प्रमाणों के आधार पर कुछ लोग इसे इससे भी अधिक पुराना मानते हैं. इसका टेढ़ा-मेढ़ा और भीतर से खोखला तना अत्यंत आकर्षक दृश्य प्रस्तुत करता है. Image : Canva

वेल्स के कॉन्वी में लैंगरन्यू यू वृक्ष लैंगरन्यू यू वृक्ष की अनुमानित आयु 4,000 से 5,000 वर्ष के बीच मानी जाती है. यह ब्रिटेन के उत्तरी वेल्स में सेंट डिगेन चर्च के परिसर में उग रहा है. यह प्राचीन वृक्ष कांस्य युग से जीवित है और यूरोप के सबसे पुराने जीवित पेड़ों में गिना जाता है. यू वृक्षों के भीतर से खोखले हो जाने की प्रवृत्ति के कारण इसकी आयु का अनुमान पूर्ण कोरिंग के बजाय वृद्धि मॉडलिंग और ऐतिहासिक अभिलेखों के माध्यम से लगाया गया है. Image : Canva

वेल्स के कॉन्वी में लैंगरन्यू यू वृक्ष लैंगरन्यू यू वृक्ष की अनुमानित आयु 4,000 से 5,000 वर्ष के बीच मानी जाती है. यह ब्रिटेन के उत्तरी वेल्स में सेंट डिगेन चर्च के परिसर में उग रहा है. यह प्राचीन वृक्ष कांस्य युग से जीवित है और यूरोप के सबसे पुराने जीवित पेड़ों में गिना जाता है. यू वृक्षों के भीतर से खोखले हो जाने की प्रवृत्ति के कारण इसकी आयु का अनुमान पूर्ण कोरिंग के बजाय वृद्धि मॉडलिंग और ऐतिहासिक अभिलेखों के माध्यम से लगाया गया है. Image : Canva

ब्राजील में पैट्रियार्का दा फ्लोरेस्टा- लगभग 3,000 वर्ष पुराना माना जाने वाला यह विशाल जेक्विटिबा-रोसा वृक्ष ब्राज़ील के अटलांटिक फ़ॉरेस्ट में स्थित है. यह दक्षिण अमेरिका के सबसे पुराने और सबसे ऊँचे पेड़ों में से एक है. संरक्षण नियमों के कारण इसकी डेंड्रोक्रोनोलॉजी (वृत्त-छल्लों के अध्ययन) से जुड़ी सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन पारिस्थितिक आंकड़े और वृद्धि दर से जुड़ी जानकारियां इसकी प्राचीनता की पुष्टि करती हैं. Image : Canva

ब्राजील में पैट्रियार्का दा फ्लोरेस्टा- लगभग 3,000 वर्ष पुराना माना जाने वाला यह विशाल जेक्विटिबा-रोसा वृक्ष ब्राज़ील के अटलांटिक फ़ॉरेस्ट में स्थित है. यह दक्षिण अमेरिका के सबसे पुराने और सबसे ऊँचे पेड़ों में से एक है. संरक्षण नियमों के कारण इसकी डेंड्रोक्रोनोलॉजी (वृत्त-छल्लों के अध्ययन) से जुड़ी सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन पारिस्थितिक आंकड़े और वृद्धि दर से जुड़ी जानकारियां इसकी प्राचीनता की पुष्टि करती हैं. Image : Canva

बोत्सवाना के मकगाडिकगाड़ी का अबारक बाओबाब- अफ्रीका के कुछ प्राचीन बाओबाब वृक्षों की आयु लगभग 2,000 से 3,000 वर्ष के बीच आंकी गई है. ये बोत्सवाना के मकगाडिकगाड़ी क्षेत्र के आसपास पाए जाते हैं. ये नॉन-क्लोनल होते हैं, लेकिन खोखले और बहु-तना (मल्टी-स्टेम्ड) रूप में बढ़ते हैं, जिससे पारंपरिक वृत्त-छल्ला गिनती कठिन हो जाती है. इनके भीतर से लिए गए लकड़ी के नमूनों की रेडियोकार्बन डेटिंग ने इनकी अत्यधिक प्राचीन आयु की पुष्टि की है. Image : Canva

बोत्सवाना के मकगाडिकगाड़ी का अबारक बाओबाब- अफ्रीका के कुछ प्राचीन बाओबाब वृक्षों की आयु लगभग 2,000 से 3,000 वर्ष के बीच आंकी गई है. ये बोत्सवाना के मकगाडिकगाड़ी क्षेत्र के आसपास पाए जाते हैं. ये नॉन-क्लोनल होते हैं, लेकिन खोखले और बहु-तना (मल्टी-स्टेम्ड) रूप में बढ़ते हैं, जिससे पारंपरिक वृत्त-छल्ला गिनती कठिन हो जाती है. इनके भीतर से लिए गए लकड़ी के नमूनों की रेडियोकार्बन डेटिंग ने इनकी अत्यधिक प्राचीन आयु की पुष्टि की है. Image : Canva

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